भारतीय वस्त्र व वेशभूषाएं...

भारतीय वस्त्र व वेशभूषाएं: भारत एक विशाल देश है. अलग अलग राज्यों एवं भौगोलिक प्रदेशों में बंटा होने के कारण यहाँ की जातीयता, भूगोल, जलवायु और क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार विभिन्न प्रकार के वस्त्र व वेशभूषाएं (Dress Clothing) पहने जाते है. एक लंगोट के साथ सभी प्रकार के कपड़ों की डिजाइन की गई है. उत्सव के मौकों व विवाह आदि आयोजन पर भारत की परम्परावादी वस्त्र पहने देखे जा सकते है.

वस्त्र हर इन्सान की पहली आवश्यकता होती है. अपने शरीर की सुरक्षा एवं व्यक्तित्व को आकर्षक बनाने के लिए वस्त्र पहने जाते है. भारत में मौसम के अनुसार अलग अलग कपड़े पहने जाते है. जैसे गर्मियों में हलके व सूती वस्त्र, सर्दियों में ऊनी व रेशमी कपड़े तथा वर्षा ऋतू में जल्दी सूखने वाले वस्त्र. इसके अतिरिक्त विभिन्न लिंग, जाति व क्षेत्र के लोग अलग अलग प्रकार के कपड़े पहनते है.

पुरुषों के वस्त्र- पैंट, शर्ट, कमीज, धोती, कुर्ता और पायजामा पहनते है. स्त्रियाँ धोती, साड़ियाँ, सलवार और कुर्ता पहनती है. कई पुरुष सिर पर टोपी, साफा या पगड़ी पहनते है.

ग्रामीण क्षेत्र में बुजुर्ग लोग धोती, कुर्ता एवं पगड़ी साफा पहनते है. जबकि शहरों में पेंट, शर्ट, बरमूडा आदि का प्रचलन है. स्त्रियाँ गाँवों में साड़ी, लूगड़ा लहंगा, पेटीकोट आदि पहनती है. जबकि शहरों में साड़ी, पेटीकोट, कुर्ता, पायजामा, जिन्स, टॉप आदि पहनती है.

विभिन्न ऋतुओं में शरीर की आवश्यकता भिन्न भिन्न होने के कारण विभिन्न ऋतुओं में भिन्न भिन्न प्रकार के कपड़े पहने जाते है.

भारत में गर्मियों में पहने जाने वाले वस्त्र...

  • गर्मियों में हम हल्के रंग के कपड़े पहनते है. गहरे रंग के कपड़े अपेक्षाकृत अधिक ऊष्मा अवशोषित करते है. हल्के रंग के कपड़े उष्मीय विकिरणों के अधिकाँश भाग को प्रवर्तित कर देते है. जिससे गर्मी कम लगती है.
  • अतः गर्मियों में हल्के रंग के कपड़े अधिक आरामदायक लगते है.
  • गर्मी में सूती वस्त्र पहने जाते है. इस ऋतु में शरीर से पसीना अधिक निकलता है. सूती वस्त्र पसीने को सोख लेते है. तथा शरीर को ठंडक प्रदान करते है. अतः गर्मियों में सूती वस्त्र पहनना अधिक सुखकर लगता है.

सर्दियों में पहने जाने वाले वस्त्र...

सर्दियों में गहरे रंग के वस्त्र पहनना अधिक सुखकर लगता है. क्योंकि गहरे रंग के वस्त्र अपेक्षाकृत अधिक ऊष्मा अवशोषित कर शरीर को गर्मी देते है. अतः गहरे रंग के वस्त्रों में कम ठंड लगती है.

हम सर्दियों में हम ऊनी व रेशमी वस्त्र पहनते है. ऊन ऊष्मारोधी होती है. इसके अतिरिक्त ऊन के रेशों के बिच वायु विद्यमान रहती है. यह वायु हमारे शरीर की ऊष्मा को ठंडे बाहरी परिवेश की ओर निकलने से रोकती है. अतः हमें उष्णता का अनुभव होता है.

इस ऋतु में पहने जाने वाले कपड़ो में जैकेट,स्कार्फ, टोपी, दस्ताने, स्वेटर, कोट व टोपी मुख्य है.

भारतीय कपड़े विश्व भर में क्यों प्रसिद्ध थे?

एक तरफ आज जहां भारतीय पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित होकर पश्चिमी कपड़ों को ज्यादा पसंद करते हैं, वहीं दूसरी तरफ भारतीय कपड़े विश्व भर में बहुत प्रसिद्ध है।

भारतीय कपड़ों को विदेशी लोग बहुत ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि भारतीय कपड़ों में ना सिर्फ सुंदरता और सौम्यता नजर आती है बल्कि भारतीय कपड़ों में भारतीय संस्कृति की झलक देखने को भी मिलती है।

साथ ही साथ भारत के अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार कपड़ों में वहां की भौगोलिक शैली भी नजर आती है। सबसे खूबसूरत संस्कृति से जुड़े भारतीय कपड़े राजस्थान में ज्यादा देखने को मिलते हैं।

भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में एक ही कपड़े को लोग अलग-अलग तरह से पहनते हैं इस वजह से भी विदेशियों को भारतीय कपड़े बहुत अच्छे लगते हैं।

भारत का राष्ट्रीय वस्त्र क्या है?

हालांकि सरकार ने अभी तक किसी भी वस्त्र को राष्ट्रीय वस्त्र घोषित नहीं किया है लेकिन जोधपुर के ट्रेडिशनल कपड़े कोट पैंट को भारत का राष्ट्रीय वस्त्र कहा जा सकता है। क्योंकि आजकल ज्यादातर लोग कोट पैंट को ज्यादा पहनते हैं।

भारतीय धर्म और संस्कृति की 10 वेशभूषाएं

भारत एक ऐसा देश है जिसमें वेशभूषा भी धर्म और संस्कृति को प्रदर्शित करती है अलग-अलग तरह की वेशभूषा अलग-अलग धर्म और संस्कृति का प्रतीक मानी जाती है।

सर का पहनावा – भारत में अलग-अलग धर्म जाति के लोग अलग-अलग तरह की चीजें सर पर पहनते हैं। यह चीजें उनके धर्म व संस्कृति को प्रदर्शित करती हैं। टोपी, पगड़ी, साफा इसके मुख्य उदाहरण है।

साड़ी – साड़ी को हमारे देश का सबसे सांस्कृतिक वस्त्र माना जाता है। हिंदू धर्म और संस्कृति के अनुसार औरतों को साड़ी ही पहननी चाहिए।

कुर्ता और पजामा – भारत में पुरुष कुर्ता और पजामा पहनते हैं। कुर्ता पजामा पुरुषों की शान मानी जाती हैं।

इन सबके अलावा सलवार और कुर्ती, धोती लहंगा चोली जैसे वस्त्र भी संस्कृति व धर्म का प्रतीक माने जाते हैं।

भारत के राज्यों में पहने जाने वाले वस्त्र...

जम्मू कश्मीर के वस्त्र -

  • फिरन (phiran)– पुरुषों व महिलाओं द्वारा ढीला ढाला चोगे की तरह पहने जाने वाला वस्त्र
  • तरंगा (taranga)– कश्मीरी महिलाओं द्वारा सिर पर पहने जाने वाला वस्त्र
  • बुरगा (buraga)– महिलाओं द्वारा पहने जाने वाला वस्त्र
  • पठानी सूट (pathani suit)– पुरुषों के इस वस्त्र को खान ड्रेस के नाम से भी जाना जाता है, यह विशेषकर श्रीनगर के क्षेत्र में लोकप्रिय है.
  • कसाबा (KASABA)- फिरन के साथ पहने जाने वाली लाल रंग की टोपी
  • कुंटोप्स (KUNTOPS)– लद्दाखी महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला ऊनी गाउन. इसके साथ BOK भी पहना जाता है.
  • गौचा (GOUCHA)- लद्दाखी पुरुषों द्वारा गले में पहने जाने वाला भेड़ की खाल का बना ऊनी वस्त्र

हिमाचल प्रदेश के वस्त्र व उनके नाम...

  • लौन्चारी (LUANCHARI)- हिमाचल प्रदेश की महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला वस्त्र
  • राहिदे (RAHIDE)-हिमाचल प्रदेश की महिलाओं द्वारा सिर पर पहना जाने वाला वस्त्र
  • पट्टू (PATTO), लिंगचय (LINGCHAY)– विभिन्न प्रकार के शोल
  • तेपांग (TEPANG)- पुरुषों द्वारा पहनी जाने वाली किन्नोरी टोपी
  • छुबा (CHHUBA)- अचकन जैसा लम्बा ऊनी कोट जो पुरुषों द्वारा पहना जाता है.
  • गछांग (GACHANG)-पुरुषों द्वारा कमर पर पहने जाने वाला वस्त्र
  • सुथान (SUTHAN)– पुरुषों द्वारा पहने जाने वाला ऊनी या सूती पायजामा
  • किरा (KIRA)-महिलाओं द्वारा कमर पर बाँधी जाने वाली बेल्ट
  • लिंगजिमा, शानो- विभिन्न प्रकार की टोपियाँ
  • रिगोया (RIGOYA)-पुरुषों द्वारा पहना जाने वाला लम्बा ऊनी कोट
  • होजुक (HOOJUK)- महिलाओं द्वारा पहनी जाने वाली एक प्रकार की कमीज
मिजोरम के वस्त्र...
  • पुआनचेई (PUANCHEI)– मिजो महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला वस्त्र
  • पुआन (PUON) मिजो पुरुषों द्वारा पहने जाने वाला एक वस्त्र
  • जापी, लुखुम, खुम्बेयु- विभिन्न प्रकार की मिजो टोपियाँ
आसाम के वस्त्र...
  • आसामी महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले वस्त्र
  • महिलाओं के अन्य वस्त्र- रिगु, रिजाम्फाई, रिहा, रिखाओस, चेखमचुम, फेफेक, हुरा आदि.
  • सम्पा- मिशिंग जाति की महिलाओं द्वारा कमर में पहने जाने वाला वस्त्र
  • रिका, फेटोंग, शो- असम के पुरुषों द्वारा पहने जाने वाले वस्त्र
  • रिनसासो- पुरुषों के द्वारा पहने जाने वाला स्कार्फ
  • मिबु- पुरुषों द्वारा पहने जाने वाला कवर कोट

अरुणाचल प्रदेश के वस्त्र...

  • मुशाइक्स (MUSHAIKS)– महिलाओं द्वारा पहनी जाने वाली एक प्रकार की जैकेट
  • मुकाक (MUHAKAK)- पुरुषों द्वारा कमर में बाधा जाने वाला एक वस्त्र.
मेघालय के वस्त्र...
  • जैनसेम (JAINSEM)– महिलाओं द्वारा पहने जाने वाला वस्त्र
  • डकमानडा- गारो महिलाओं द्वारा कमर में बाँधा जाने वाला लुंगी की तरह का एक वस्त्र
  • किरशाह (KYRSHAH)- जयन्तिया महिलाओं द्वारा सिर पर पहने जाने वाला वस्त्र, यह खेत में काम करते समय पहना जाता है.
  • एकिंग, टेपमोह, जैन्कुप, थो, खिरवांग- महिलाओं के विभिन्न वस्त्र.

सिक्किम के वस्त्र...

  • थोकरो-डूम (thokro dum)- सिक्किम की लेपचा जाति के पुरुषों द्वारा पहने जाने वाली पोशाक जिनमें एक सफ़ेद पायजामा, एक कमीज और एक टोपी होती है.
  • डुमवुम या डूमडयाम- महिलाओं द्वारा साड़ी की तरह पहने जाने वाला वस्त्र.
  • खो या बाखू, हांजू, कुशेन, फारिया, चौबंदी, चोलो, होम्बारी, पांग्ड़ेंन, टागो, न्यामरेक, टारो- सिक्किम की महिलाओं द्वारा पहने जाने वाली पोशाक
  • पाचाउरी (PACHAURI)- सिक्किम की नेपाली महिलाओं द्वारा नृत्य करते समय पहनी जाने वाली पोशाक

भारत के राज्यों के प्रमुख वस्त्र और उनके नाम...

नागालैंड - किल्ट, लुंगपेंसू
मणिपुर -खामेन चाटपाफेनेक, इनाफी, सारांगे
त्रिपुरा -रिकुटू गमचा, कुबारिगनाई, रिसा, रिकुट
झारखंड - भागवान,  पांची व परहान
लक्षद्वीप - काची, थाट्म
केरल - मुंडू व नेरियाथु, मुन्डुम व नेरियाथुम
गुजरात - चोरनोस, केडिया या अंगरखू, फेंटों, कफानी या फरहन, चानियों, पोल्कू, आभा या कांजरी, आभास (महिला पुरुष दोनों)
पंजाब - टाम्बा/तहमल व फुलकारी, शरारा, लांचा
गोवा - पानो भाजू
महाराष्ट्र - फतुई, नववारी (साड़ी)
आंध्रप्रदेश - कमरी, फेज टोपी
कर्नाटक - धोतरा
मध्यप्रदेश - माहेश्वरी साड़ी
उत्तराखंड - चुंग, फूया बेल

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