महाशिवरात्रि...
*2023 में शिवरात्रि पूजा कब है?*
हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. इस बार महा शिवरात्रि 18 फरवरी 2023, शनिवार को मनाई जाएगी.
*शिवरात्रि मेला कहां लगता है*
करौली जिले में भरने वाला यह पशु मेला राज्य स्तरीय पशु मेलों में से एक है। इस पशु मेले का आयोजन प्रतिवर्ष फाल्गुन कृष्णा में किया जाता है। महाशिवरात्रि के पर्व पर आयोजित होने से इस पशु मेले का नाम शिवरात्रि पशु मेला पड़ गया है।
*भारत में महाशिवरात्रि कहां मनाई जाती है?*
महा शिवरात्रि भारत के कई राज्यों जैसे उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और बिहार में मनाई जाती है। इस शुभ दिन पर, भगवान शिव के अनुयायी और भक्त उपवास रखते हैं और दुनिया भर के कई मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है।
*महाशिवरात्रि क्यों है खास?*
शिव और शक्ति का हुआ था मिलन
महाशिवरात्रि को पूरी रात शिवभक्त अपने आराध्य जागरण करते हैं। शिवभक्त इस दिन शिवजी की शादी का उत्सव मनाते हैं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि को शिवजी के साथ शक्ति की शादी हुई थी। इसी दिन शिवजी ने वैराग्य जीवन छोड़कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया था।
*महाशिवरात्रि की रात क्या हुआ था?*
शिवपुराण के अनुसार, इसी रात शिव और पार्वती का विवाह हुआ था। इसका मतलब हुआ, शिव और शक्ति या फिर पुरुष और आदिशक्ति यानी प्रकृति का मिलन। एक और मान्यता है कि इसी दिन बह्माण्ड की रचना हुई थी। सती के शोक में भगवान शिव गहन समाधि में चले गए, ध्यानमग्न हो गए।
*शिवरात्रि की रात को क्या करना चाहिए?*
शिवरात्रि पर रात्रि जागरण का बहुत महत्व है अत: पूरी रात शिव जी की स्तुति करते हुए बिताएं। ना ही खुद सोए और अपने परिवारजनों तथा दोस्तों को भी सोने ना दें। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भांग, धतूरा, दूध, चंदन, भस्म, जायफल, फल, मिठाई, मीठा पान, इत्र जैसी कई चीजों को अर्पित करते हैं।
*शिवरात्रि के दिन क्या क्या नहीं करना चाहिए?*
शिवरात्रि के दिन भूलकर भी गुरु, माता-पिता, पत्नी या पूर्वजों का अपमान नहीं करना चाहिए। इसके अलावा गुरु की पत्नी के साथ संबंध बनाना, शराब पीना और दान की हुई चीजें या धन वापस लेना भी महापाप माना गया है। इसलिए ऐसा करने से बचें। अन्यथा शिवजी कभी भी माफ नहीं करते।
*शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या अंतर है?*
शिवरात्रि हर मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आती है लेकिन महाशिवरात्रि फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आती है, जिसे भोले के भक्त बहुत ही हर्षोर्ल्लास और भक्ति के साथ मनाते हैं।
*शिवरात्रि का अर्थ क्या होता है?*
इस प्रकार शिवरात्रि का अर्थ होता है, वह रात्रि जो आनंद प्रदायिनी है और जिसका शिव के साथ विशेष संबंध है। शिवरात्रि, जो फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को है, उसमें शिव पूजा, उपवास और रात्रि जागरण का प्रावधान है। इस महारात्रि को शिव की पूजा करना सचमुच एक महाव्रत है।
*शिवरात्रि पर कौन सा रंग पहनना चाहिए?*
महा शिवरात्रि पर, भक्त जल्दी स्नान करते हैं और पूजा करने के लिए शिव मंदिर जाने से पहले शुभ हरे रंग के कपड़े पहनते हैं।
*क्या हम महाशिवरात्रि पर शराब पी सकते हैं?*
ऐसा माना जाता है कि जो भक्त पूजा के दौरान तुलसी के पत्तों का उपयोग करते हैं, वे अपनी पूजा पूरी नहीं कर पाते हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर आपको मांसाहारी भोजन, शराब का सेवन नहीं करना चाहिए ।
*क्या मैं पीरियड्स के दौरान शिवरात्रि का व्रत कर सकती हूं?*
व्रत जरूर करें, लेकिन भगवान की पूजा न करें और उस दिन पूजा करें । यह सोलह सोमवर व्रत आदि या हर महीने के व्रत या हर हफ्ते के व्रत का पालन करते समय लागू होता है। यानी अगर आपको सोलह शुकरवार व्रत या ऐसे अन्य व्रतों के दौरान मासिक धर्म होता है, तो आपको व्रत को एक दिन और करना होगा।
*शिवरात्रि के दिन खाना कब खाते हैं?*
सुबह के समय फलाहार करना चाहिए। फलाहार में संतरा, खीरा, पपीता, सेब आदि फल ले सकते हैं। महाशिवरात्रि के व्रत में भी सात्विक भोजन खाना चाहिए। अगर स्वास्थ्य संबंधी समस्या न हो तो बिना नमक के भी यह व्रत किया जा सकता है।
*भगवान शिव और शंकर में क्या अंतर है?*
शिव परमात्मा रचयिता हैं और शंकर उनकी एक रचना हैं। शिव ब्रह्म लोक में परमधाम के निवासी हैं और शंकर सूक्ष्म लोक में रहने वाले हैं। शिव की यादगार में शिवरात्रि मनाई जाती है ना कि शंकर रात्रि। अतः शिव निराकार परमात्मा हैं और शंकर सूक्ष्म आकारी देवता है।
*महाशिवरात्रि से क्या लाभ होता है?*
मान्यता है कि जो भी जातक महाशिवरात्रि का व्रत रखते हैं उन्हें नरक से मुक्ति मिलती है और आत्मा की शुद्धि होती है। इस दिन जहां- जहां भी शिवलिंग स्थापित है, उस स्थान पर भगवान शिव का स्वयं आगमन होता है। इसलिए शिव की पूजा के साथ शिवलिंग की भी विशेष आराधना करने की परंपरा है। शिव अपने भक्तों को सच्चे दिल से आशीर्वाद देते हैं।
*शिवरात्रि से क्या लाभ है?*
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा और अभिषेक का वर्णन विभिन्न ग्रंथों और पुराणों में मिलता है। धार्मिक दृष्टि से ऐसी मान्यता भी है कि महाशिवरात्रि के व्रत से मनोनुकूल जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। आर्थिक और गृहस्थी सबंधी तमाम परेशानियों से भी भोलेनाथ महाशिवरात्रि व्रत रखने वालों को उबार लेते हैं।
*भगवान शिव की उम्र कितनी है?*
शिव जी की आयु विष्णु जी की आयु से 7 गुना होती है। इसमें शिव जी का एक दिन 1000 चतुर्युग का होता है और रात्रि भी 1000 चतुर्युग की होती है। मतलब की शिव जी की आयु 504000000 × 7 = 3528000000 (तीन अरब बावन करोड़ अस्सी लाख) चतुर्युग की होती है।
*भगवान शिव की शिक्षा क्या है?*
चाहे कुछ भी हो जाए, तुम्हें बुराई को कभी भी सहन नहीं करना चाहिए.
भगवान शिव को बुराई के विनाशक के रूप में जाना जाता था। वह अन्याय को सहन नहीं कर सका और दुष्ट राक्षसों को निष्पक्ष तरीके से नष्ट कर दिया। इसी तरह, हमें भी अपने आसपास हो रही बुराई के प्रति जीरो टॉलरेंस रखने की कोशिश करनी चाहिए और अन्याय के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।
*भगवान से भी बड़ा कौन है?*
यानी माता पिता का स्थान सर्वोपरि है। शास्त्र की व्याख्या करते कथा व्यास कहते हैं कि शास्त्र कहता है कि सबसे बड़ा भगवान, उससे बड़ा गुरु, गुरु से बड़ा पिता तथा पिता से भी बड़ा है मां का स्थान।
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