हलवा
हलवा...
भारत में हलवे को पारंपरिक व्यंजन के रूप में जाना जाता है।
वहीं इसे तयोहार, प्रसाद और व्रत में खाया जाता है। अलग-अलग जगह के लोग इसे अपने पसंदीदा सामग्रियों का इस्तेमाल करके बहुत प्यार से तैयार करते हैं। सभी प्रकार के हलवों का रूप, रंग यहां तक की स्वाद भी एक दूसरे से अलग होता है। पुराने समय में ही नहीं आज भी भारत में हलवे का एक अलग स्थान है। हालांकि, हलवा मीठा होता है और आमतौर पर इसमें मिठास जोड़ने के लिए चीनी का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए सेहत को ध्यान में रखते हुए हलवे को हमेशा मॉडरेशन में ही लेना चाहिए।
”सोहन हलवा”
फ़ारसी शब्द सोहन से आया है, जिसका अर्थ है “सुखदायक” या “सुखद”। सोहन हलवा पंजाब की एक पारंपरिक मुगलई मिठाई है, जो भारत में लोकप्रिय है। मैदा, चीनी, दूध, ड्राई फ्रूट्स और घी से बने इस हलवे का स्वाद लाजवाब होता है और इसे आसानी से घर पर तैयार किया जा सकता है। एक बोल सोहन हलवे में लगभग 400 कैलोरी होती हैं। हालांकि, आप मिठास को एडजस्ट करके कैलोरी की मात्रा को कम कर सकती हैं। इस हलवे को खाते वक़्त इसकी मात्रा का ध्यान रखें, स्वाद लेने के लिए 4 से 6 चम्मच हलवा काफी है। डायबिटीज के मरीजों को इससे परहेज करना चाहिए।
”कराची हलवा”
एक लोकप्रिय भारतीय मिठाई है, जिसे मकई के आटे (corn flour), पानी, चीनी और घी से बनाया जाता है और इसमें इलायची का फ्लेवर ऐड किया जाता है। यह नारंगी, लाल और हरे रंग का होता है। कराची हलवा की उत्पत्ति कराची, पाकिस्तान में हुई थी, लेकिन इसे मुंबई में एक हलवाई ने लोकप्रिय बनाया, जो भारत के विभाजन के बाद कराची से यहां आया था। कॉर्न फ्लौर को चीनी और पानी में पकाया जाता है, साथ ही इसमें सूखे मेवे मिलाए जाते हैं। इसके बाद जब ये सेट हो जाता है, तो इसे छोटे छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है। कराची हलवे के एक सर्विंग में 366 कैलोरी होती हैं। इससे जाहिर होता है की ये हेल्दी नहीं है, इसलिए इसे केवल स्वाद के लिए या त्योहारों में मॉडरेशन में लेने की सलाह दी जाती है।
”ग्रीक हलवा”
एक पारंपरिक, डेयरी-फ्री मिठाई है, जो सूजी, नट्स और स्वादिष्ट सिरप से बनाई जाती है। इसे बनाने में सूजी, चीनी, पानी, घी, दालचीनी, लौंग, शहद, नींबू के छिलके, नट्स और किशमिश का उपयोग होता है। सूजी को घी में भूनकर, फिर इसे चीनी के स्वादिष्ट सिरप में गाढ़ा होने तक पकाया जाता है। ड्राई फ्रूट्स डालकर सेट होने के लिए रख दिया जाता है। एक बोल ग्रीक हलवे में लगभग 620 के आसपास कैलोरी होती है। इसलिए इसे खाते वक़्त मात्रा का ध्यान रखना बहुत जरुरी है। इसे थोड़े मात्रा में ही लें, वहीं डायबिटीज के मरीजों को इससे पूरी तरह से परहेज रखने की सलाह दी जाती है।
”काले हलवे”
केरल के काले हलवे को नारियल के दूध, गुड़, घी, चावल के आटे, काजू, इलायची और दालचीनी जैसी सामग्री की मदद से तैयार किया जाता है। यह एक पारंपरिक मिठाई है। काला हलवा केरल में एक क्षेत्रीय पसंदीदा डिज़र्ट है और यह बेहद पौष्टिक होता है। लगभग एक किलो काले हलवे में 313 कैलोरी होती है मतलब एक सर्विंग में सिमित कैलोरी पाई जाती है। आप सभी इस हलवे का एक बोल तो आराम से एन्जॉय कर सकती हैं। डायबिटीज के मरीजों को इसे कम मात्रा में लेना चाहिए, क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट की अधिक मात्रा पाई जाती है।
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